84 कोसी परिक्रमा मार्ग निर्माण पर अवैध खनन का आरोप, धार्मिक स्थलों व पर्यावरण को नुकसान की आशंका।

बीकापुर_अयोध्या।
अयोध्या जिले के बीकापुर तहसील क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतों में प्रस्तावित 84 कोसी परिक्रमा मार्ग के लिए मिट्टी पटाई कार्य के दौरान मानक के विपरीत बड़े पैमाने पर मिट्टी खनन किए जाने के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में लगे कुछ लोगों द्वारा सरकारी जमीन, तालाब, ग्राम समाज भूमि के साथ-साथ धार्मिक महत्व वाले स्थलों के पास भी गहराई तक मिट्टी निकाली जा रही है, जिससे पर्यावरण और स्थानीय संरचनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार हरिनाथपुर सतना इलाके में सरकारी भूमि पर इतनी गहराई तक खुदाई की गई है कि कई पुराने पेड़ असंतुलित होकर गिरने के कगार पर पहुंच गए हैं। इसी प्रकार उमरनी पिपरी स्थित हनुमान कुंड और विभीषण कुंड—जिन्हें रामायणकालीन महत्व का माना जाता है—के समीप भी मिट्टी कटान किए जाने की बात सामने आई है। वहां लगभग दो दशक पूर्व वन विभाग द्वारा कराए गए पौधारोपण के कई पेड़ अब क्षतिग्रस्त दिखाई दे रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उमरनी पिपरी–भीखी सराय बॉर्डर के पास फैली झील में भी मानक के विपरीत खुदाई देखी गई है। ग्रामीणों के अनुसार यह गतिविधियां दिन के अलावा रात के समय भी जारी रहती हैं, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
इन सभी बिंदुओं को आधार बनाते हुए पातूपुर निवासी समाजसेवी एवं अधिवक्ता सचिंद्र नाथ तिवारी ने जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से मुख्यमंत्री को विस्तृत शिकायत भेजी है। उनका कहना है कि परिक्रमा मार्ग पर मिट्टी पटाई के नाम पर अन्य स्थानों पर भी मिट्टी गिराई जा रही है, जिससे धार्मिक स्थलों की संरक्षा व पर्यावरणीय संतुलन पर खतरा उत्पन्न हो सकता है। उन्होंने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने और दोष सिद्ध होने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ऊधर, प्रशासन और खनन विभाग से इस पूरे मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई है कि शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई करते हुए तथ्यों की जांच कराई जाएगी।