शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम, दो घरों से एक साथ उठी चीखें, गांव मातम में डूबा।

हैदरगंज_अयोध्या।
अयोध्या जिले के हैदरगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम हुए हादसे ने दो परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं। मनऊपुर ग्राम पंचायत के दो युवक सुल्तानपुर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। घोंपा डुहिया के पास दिवाकर पट्टी ममरहवा मोड़ पर अचानक एक अज्ञात वाहन ने उनकी प्लैटिना मोटरसाइकिल को ऐसी टक्कर मारी कि सबकुछ खत्म हो गया। हादसे की खबर जैसे ही गांव पहुंची, लोग दहशत में आ गए।
लेकिन सबसे बड़ा मंजर तो तब बना जब आज दोनों युवकों के शव घर पहुंचे। दरवाजे पर जैसे ही अर्थी दिखी, परिवार की चीखें दूर-दूर तक सुनाई देने लगीं। मातम की ऐसी गहरी लकीर गांव पर खिंच गई कि हवा भी भारी हो गई।
दसलावन निवासी रंजीत कुमार (40) की मौत ने उनकी इकलौती बेटी प्रीति का संसार उजाड़ दिया। छह महीने पहले जिसकी शादी हुई, उसके सिर से आज पिता का साया उठ गया। रंजीत की पत्नी कुसुम पहले ही दस साल पहले स्वर्गवासी हो चुकी थीं। बेटी पिता के पार्थिव शरीर को देखकर बेसुध होकर गिर पड़ी—लोग उसे संभालते-संभालते खुद भी रो पड़े।
दूसरी ओर शशिकांत गौड़ (35) निवासी मनऊपुर का घर भी रोते-रोते बिखर गया। तीनों मासूम बच्चे—पीयूष (8) वर्ष ,आयुष (6) वर्ष और छोटा रुद्र (3) वर्ष है जब शव घर लाया गया, तो तीनों बच्चे पिता के पास गिर पड़े। महिलाओं के गले से चीखें निकल पड़ीं, पुरुषों की आंखें भर आईं, पूरा गांव आज गम में डूबा हुआ है। किसी घर में चूल्हा नहीं जला, किसी आंगन में आवाज नहीं उठी—हर तरफ सिर्फ सन्नाटा, सिर्फ मातम, सिर्फ बेबसी।
थाना प्रभारी विवेक राय ने बताया कि पुलिस हर पहलू की जांच में लगी है और अज्ञात वाहन की तलाश तेज कर दी गई है।