नाबालिग को बहला फुसलाकर ले जाने में सजा, जुर्माना।

अयोध्या
अयोध्या जिले में नाबालिग किशोरी को बहला फुसलाकर कर भगाने के मामले में सह आरोपी जगदीश को छह साल के कारावास की सजा से दंडित किया गया है। साथ ही एक हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश/ एफटीसी प्रथम रवि कुमार गुप्ता ने सुनाया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक घटना रुदौली क्षेत्र के एक गांव की है। 26 जुलाई 2000 को दिन के तीन बजे 14 वर्षीय बालिका को संजय व उसके मित्र जगदीश बहला फुसलाकर भगा ले गए। बालिका अपने साथ घर के तमाम जेवर भी उठा ले गई। गांव के पास नहर पर संजय व जगदीश को गांव वालों ने बालिका को ले जाते हुए देखा था।
घटना की सूचना पुलिस को दी गई लेकिन राजनीतिक प्रभाव के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। अदालत के आदेश पर 30 अगस्त को संजय व जगदीश के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष से छह गवाह पेश किए गए। इस बीच आरोपी संजय फरार हो गया, जिससे उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। न्यायाधीश ने पत्रावली पर मौजूद सबूत व गवाहों के बयान के आधार पर अभियुक्त जगदीश को बहलाने फुसलाने के मामले में तीन साल के कारावास व 500 रुपये जुर्माना एवं अपहरण के मामले में तीन साल के कारावास व 500 रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को दिए जाने का आदेश पारित किया गया है। सभी सजाएं साथ-साथ चलने के आदेश के कारण अभियुक्त को तीन साल तक ही जेल की सजा काटनी पड़ेगी।