images 2 4 - उर्वरक माफिया पर बड़ा एक्शन DM के निर्देश, कृषि विभाग की कड़ी निगरानी।

उर्वरक माफिया पर बड़ा एक्शन DM के निर्देश, कृषि विभाग की कड़ी निगरानी।

अयोध्या उत्तर प्रदेश

उर्वरक माफिया पर बड़ा एक्शन DM के निर्देश, कृषि विभाग की कड़ी निगरानी।

images 2 4 - उर्वरक माफिया पर बड़ा एक्शन DM के निर्देश, कृषि विभाग की कड़ी निगरानी।

अयोध्या।

अयोध्या जिले में उर्वरक की कालाबाजारी, ओवररेट वसूली, और यूरिया के साथ जबरन अन्य कृषि सामग्री थोपे जाने की लगातार शिकायतों के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी निखिल टी. फुंडे ने स्पष्ट संदेश दिया है कि किसानों का आर्थिक शोषण अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके निर्देश पर कृषि विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं और पूरे जिले में औचक निरीक्षण तेज कर दिया गया है।

प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि कोई भी लाइसेंसधारी विक्रेता यदि यूरिया को निर्धारित दर से अधिक पर बेचता पाया गया, या किसानों पर बीज, दवाइयाँ अथवा अन्य कृषि सामग्री खरीदने के लिए दबाव बनाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने बताया कि ऐसे दोषियों के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज की जाएगी और दुकान का लाइसेंस भी निरस्त किया जा सकता है।

किसानों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। किसान किसी भी प्रकार की उर्वरक संबंधी अनियमितता होने पर तुरंत कंट्रोल रूम नंबर 7839882383 पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही अपने क्षेत्र के एडीओ कृषि, बीडीओ, तहसीलदार और एसडीएम के पास भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

जिला कृषि अधिकारी ओ.पी. मिश्र ने बताया कि जिले में फिलहाल 24,915 मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है, जो किसानों की जरूरत के लिए पर्याप्त है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक खरीदें। बिक्री पूर्णतः पीओएस मशीन के माध्यम से की जा रही है, जिसके तहत प्रति हेक्टेयर अधिकतम सात बोरी यूरिया दिए जाने का प्रावधान है।

कृषि विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई दुकानदार इस निर्धारित सीमा का उल्लंघन करता है या यूरिया के साथ अनिवार्य रूप से अन्य सामग्री बेचने का दबाव डालता है, तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। विभागीय टीमें उर्वरक दुकानों पर लगातार निगरानी रखे हुए हैं और समय-समय पर छापेमारी कर सुनिश्चित कर रही हैं कि किसानों के हितों के साथ किसी प्रकार का समझौता न हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *